Monday, 11 April 2016

क्या है वो


क्या है वो जो थम सा
गया है मुझमे ,
कोई  आहट सी है
जो दबे पाँव आती है
या कोई वहम।
कश्मकश आज भी वही है,
आज भी वही जुस्तजू
क्या है वो
जो थम सा गया है
मुझमे!